सनम

लिखने पड़ी हु दिल के अहसास,

छिपा ना सकी वो दिल के जज्बात,

सुनी पड़ी है अब सारी रात,

कोई न पूछे मेरे दिल से हालात,

कई अरमान है किये दफन,

यह जख्मो का गुटन न हो सहन,

जि क्या रहे है तेरे बिन हम् सजन,

क्या बताऊँ हाल-ऐ दिल,

सिर्फ सांस ढल रही है तुम बिन सनम।

-प्राची भट्ट

Published by Mrs Bhatt

દુનિયા ને હૃદય થી જોવી ને આંખો ના પલકારે માણવી

4 thoughts on “सनम

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started