ख़्वाहिश

ख़्वाहिश नही अब,
किसी के प्यार की,
कद्र नहीं यहा,
किसीको किसीके जज्बात की,

इंतज़ार नही किसी का,
अब भूल तुजे जाऊंगा,
तेरी कसम खुदा मैं,
उस गली दुबारा नही जाऊंगा

-प्राची भट्ट

Published by Mrs Bhatt

દુનિયા ને હૃદય થી જોવી ને આંખો ના પલકારે માણવી

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