मन काग़ज़ की नाव


मन काग़ज़ की नाव,
मन मैं एक लगाव,
मन कच्चा उसे जगाओ,
दिल मैं है एक हाऊ,
भूल गयी शब्दो के भाव,
किये दिल में अनेक घाव,
जिंदगी का ये पड़ाव,
कागज़ की नाव,
कैसे बचाऊ।

-प्राची भट्ट

Published by Mrs Bhatt

દુનિયા ને હૃદય થી જોવી ને આંખો ના પલકારે માણવી

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