क्यो??

क्यो तुम….😥

मुजे छोड़ कर चले गए,जब मुजे जरूरत थी,
दर-दर भटकती में, बस अपने दिन काटती थी,
अब क्यों वापस आए जब मैं सब छोड़ चुकी,
अपनी मनमानी करली, जब भूख शरीर की मुजमे मिटी।


क्यों मैं….😓

बेवजह खामोश थी जब दिल को मरहम की जरूरत थी,
अब भी दिल खामोश है, जोर से ठोकर मुजे लगी,
कोई जरूरत नही तेरी, क्यू की मैं कबका तुम्हें भुल चुकी।
न आना कभी तुम वापस,तुमहारी जरूरत यहां किसी को नहीं।

-प्राची भट्ट

Published by Mrs Bhatt

દુનિયા ને હૃદય થી જોવી ને આંખો ના પલકારે માણવી

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