कहना अब न कुछ बाकी हैं,
जो कहा उतना ही काफी है,
वादे अब न कुछ बाकी है,
जो निभाये उतने ही काफी हैं,
प्यार जो दिया उतना काफी है,
अब नफरत जो मिली ,वो काफी है,
आंखों का बतियाना काफी था,
अब रुलाक़े जान लेना ही बाकी है,
साथ रहना शिखाया काफी था,
अब मुह फेर लेना ही बाकी है,
कहना अब न कुछ काफी है,
तुमसे दूर होना ही बाकी है।
-प्राची भट्ट