
तेरे प्यार मैं बहने दे मेरे जज्बात,
बहोत इंतज़ार के बाद निकले हैं अहसास,
नही रुकती आंखे जब पढ़ती पुराने कागज़ात,
अलफ़ाज़-ऐ-महोबत बयान करती वो मुलाकात।
-પ્રાચી ભટ્ટ
સાંસારિક વાતો

तेरे प्यार मैं बहने दे मेरे जज्बात,
बहोत इंतज़ार के बाद निकले हैं अहसास,
नही रुकती आंखे जब पढ़ती पुराने कागज़ात,
अलफ़ाज़-ऐ-महोबत बयान करती वो मुलाकात।
-પ્રાચી ભટ્ટ